MAHAKAL SHAYARI
(1).
#गांजे मे ɢᴀɴɢᴀ बसी, चीलम में चार #ᴅʜᴀᴍ,
कंकर मे #sʜᴀɴᴋᴀʀ बसे, और जग में #ᴍᴀʜᴀᴋᴀʟ।।
(2).
कौन कहता है #भारत में
#ғᴏɢɢ चल रहा है ?
यहाँ तो सिर्फ ᴍᴀʜᴀᴋᴀʟ के #भक्तो का
#खौफ- चल रहा ʜᴀɪ
(3).
आँधी ᴛᴜғᴀɴ से वो डरते हैं, ᴊɪɴᴋᴇ मन में #प्राण बसते हैं,
ᴡᴏ #मौत देखकर ʙʜɪ हँसते हैं, #जिनके मन में #ᴍᴀʜᴀᴋᴀʟ बसते हैं !
(4).
#झुकता नही sʜɪᴠʙʜᴀᴋᴛ किसी के #आगे,
वो काल भी ᴋʏᴀ करेगा #महाकाल के आगे।
(5).
sᴀʀᴀ ब्राम्हॉंन्ड झुकता हैं #जिसके शरण में,
मेरा #प्रणाम हैं उन ᴍᴀʜᴀᴋᴀʟ के चरण में।
(6).
#दिखावे की ᴍᴏʜʜᴀʙᴀᴛ से दूर #रहता हूँ!
#इसलिये मैं ᴍᴀʜᴀᴋᴀʟ के #नशे में चूर रहता हूँ!
(7).
हम #महाकाल ɴᴀᴀᴍ की शमा के छोटे से #परवाने हैं,
कहने वाले #कुछ भी कहे हम तो #ᴍᴀʜᴀᴋᴀʟ के दिवाने हैं।
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(8).
#ғɪᴅᴀ हो जाऊँ..
#तेरी किस-किस अदा पर #ᴍᴀʜᴀᴋᴀʟ
अदायें #लाख तेरी, बेताब #ᴅɪʟ एक हें मेरा
(9)
#मौत की गोद में सो ʀᴀʜᴇ हैं
धुंए में हम #खो रहे है
#ᴍᴀʜᴀᴋᴀʟ की #भक्ति है सबसे ऊपर
#शिव sʜɪᴠ जपते जाग रहे है, #सो रहे हैं!
(10).
#ᴍᴜᴊʜᴇ अपने आप में कुछ यु #बसा लो…
के ना रहू जुदा #तुमसे,, और खुद से #ᴛᴜᴍ हो जाऊ…जय ʙʜᴏʟᴇɴᴀᴛʜ
(11).
#ᴋʜᴜsʜʙᴜ आ रही है #कही से
#ɢᴀɴᴊᴇ और #भांग की
#sʜᴀʏᴀᴅ खिड़की ᴋʜᴜʟɪ रह गयी है
मेरे ᴍᴀʜᴀᴋᴀʟ के दरबार की !
(12).
मिलती है ᴛᴇʀɪ #भक्ती
#ᴍᴀʜᴀᴋᴀʟ बडे #जतन के बाद
पा ही लूँगा ᴛᴜᴊʜᴍᴇ...
#श्मशान मे #जलने के बाद।
(13).
#ɴᴀ गिन के दिया ना #तोल के दिया,
#मेरे ᴍᴀʜᴀᴋᴀʟ ने जिसे भी #दिया
#दिल💕 खोल के दिया
(14).
#मैनें तेरा नाम #ʟᴇᴋᴇ ही
Sᴀʀᴇ काम किये है #महादेव
और लोग #समजतें है
की #बन्दा ᴋɪsᴍᴀᴛ वाला है!
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